बरेली सेंट्रल जेल से उम्रकैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; सात कर्मचारी निलंबित

बरेली। इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार बरेली से सोमवार दोपहर एक उम्रकैदी के फरार होने से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सुरक्षा घेरे को धता बताते हुए कैदी के फरार होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
फरार कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद, निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। दिनेश को बिजनौर में दर्ज एक पॉक्सो एक्ट के मामले में अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और वह पिछले छह वर्षों से बरेली सेंट्रल जेल में बंद था।
जानकारी के अनुसार सोमवार को विशेष पर्ची के आधार पर दिनेश को अन्य बंदियों के साथ जेल परिसर से बाहर कार्य के लिए निकाला गया था। इसी दौरान उसने सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार होने में सफलता हासिल कर ली। काफी देर तक कैदी का कोई सुराग न मिलने पर जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।
डीएम और एसएसपी ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय कारागार पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की समीक्षा की तथा जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए।
फरार कैदी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। सर्विलांस, स्थानीय खुफिया नेटवर्क और तकनीकी संसाधनों की मदद से संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही आसपास के जनपदों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
लापरवाही पर गिरी गाज, सात कर्मचारी निलंबित
प्रथम दृष्टया सुरक्षा में गंभीर लापरवाही मानते हुए केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक ने जेल वार्डर विशंभर सिंह, अर्जुन प्रसाद, गेंदनलाल, मुकेश कुमार और मोहित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय कुमार और यशपाल के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
जेल प्रशासन ने पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार कैदी की जल्द गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है तथा सुरक्षा में चूक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी खबर
उम्रकैदी के फरार होने की घटना ने प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जेलों में शामिल बरेली सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई और फरार कैदी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।


