कुरतरा में सफाई व्यवस्था की खुली पोल, कूड़ा निस्तारण केंद्र खुद बना कचरे का ढेर, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

फतेहगंज पश्चिमी। सरकार गांवों को स्वच्छ और साफ-सुथरा बनाने के लिए स्वच्छता अभियान पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन ग्राम पंचायत कुरतरा में जमीनी हकीकत इन दावों से उलट नजर आ रही है। गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। हालत यह है कि जिस कूड़ा निस्तारण केंद्र का उद्देश्य गांव की गंदगी को व्यवस्थित तरीके से निस्तारित करना है, वही केंद्र कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है। कूड़ा निस्तारण केंद्र के बाहर प्लास्टिक, पॉलीथिन, घरेलू कचरा और अन्य गंदगी बिखरी पड़ी है। कूड़े के बीच आवारा पशु और बंदर घूमते नजर आ रहे हैं। वहीं गांव की कई नालियां भी कचरे से पटी पड़ी हैं। गंदा पानी जमा होने और निकासी प्रभावित होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

झाड़ियों के बीच जमा है कचरा
गांव में कई स्थानों पर कूड़े के साथ झाड़ियां उगी हुई हैं। इससे मच्छर और अन्य कीट-पतंगों के पनपने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित सफाई और कूड़ा उठान नहीं होने के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है। उनका आरोप है कि स्वच्छता व्यवस्था कागजों में बेहतर दिखाई देती है, लेकिन धरातल पर हालात अलग हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था की जांच कराने, नालियों की सफाई कराने और कूड़ा निस्तारण केंद्र से तत्काल कचरा हटवाने की मांग की है। साथ ही नियमित कूड़ा उठान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि गांव में गंदगी और संक्रमण का खतरा कम हो सके। ग्राम प्रधान सगीर हुसैन और ग्राम सचिव हर्ष चौहान के स्तर से सफाई व्यवस्था की निगरानी और कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी के बीच ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर गांव में नियमित सफाई क्यों नहीं दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण कर तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करानी चाहिए।
तस्वीरें बयां कर रहीं हकीकत: कुरतरा में कूड़ा निस्तारण केंद्र के बाहर फैला कचरा, गंदगी से भरी नालियां और झाड़ियों के बीच जमा कूड़ा गांव की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराते हैं।


