दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
महिला अपराध में लापरवाही पर SSP की बड़ी कार्रवाई

बरेली। महिला अपराध के एक मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाते हुए दो उप निरीक्षकों (दरोगा) सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। तीनों पर रेप पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने और विवेचना में लापरवाही बरतने का आरोप है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, मामला सामने आने पर शिकायत सीधे एसएसपी तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
विभागीय जांच भी शुरू
एसएसपी अनुराग आर्य ने थाना भुता के उप निरीक्षक रत्नेश कुमार, थाना नवाबगंज के उप निरीक्षक सचिन चौधरी तथा थाना सीबीगंज के मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार के विरुद्ध गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
रेप पीड़िता की एफआईआर में किया गया खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेप पीड़िता ने 8 दिसंबर को थाना सीबीगंज में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उसे छोड़ दिया।
इसके बावजूद थाना सीबीगंज में केवल धारा 498A और 504 के तहत ही मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि मामले में दुष्कर्म से जुड़े गंभीर आरोप भी शामिल थे।
जांच में खुली पोल
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार ने आरोपों में रेप से संबंधित तथ्यों के बावजूद उचित धाराएं नहीं लगाईं। वहीं तत्कालीन विवेचक उप निरीक्षक रत्नेश कुमार और उप निरीक्षक सचिन चौधरी ने भी विवेचना के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और आवश्यक धाराओं को मुकदमे में शामिल नहीं किया।
लापरवाही पर गिरी गाज
इस गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता को देखते हुए एसएसपी बरेली ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि महिला अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



