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फतेहगंज पश्चिमी के ईओ पर भ्रष्टाचार के आरोपों की गूंज लखनऊ तक, तीन दिन में मांगा जवाब

फतेहगंज पश्चिमी: भ्रष्टाचार और गवन का मामला संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर शासन ने निदेशक स्थानीय निकाय को फतेहगंज पश्चिमी के ईओ को दूसरा नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा। विधानपरिषद समिति ने भी सेफनी में ईओ पर लगे आरोपों के सिद्ध होने पर उनकी वर्तमान तैनाती नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी में हुए भुगतानों की शासन स्तर से टी ए सी जांच के निर्देश नगर विकास विशेष सचिव अनुज झा को दिए हैं। दोनो पंचायतों अध्यक्षों पर भी गिर सकती है गाज!

 

संसदीय एवं सामाजिक सदभाव समिति विधानपरिषद में पिछले 5 महीने से भाजपा नेता आशीष अग्रवाल एवं ईओ पुष्पेंद्र राठौर प्रकरण की सुनवाई चल रही थी इसी क्रम में मंगलवार को सुनवाई के दौरान समिति के सभापति सी पी चंद्र ने नगर विकास के अधिकारियों से 11 मई को शासन द्वारा जारी नोटिस जिसमें सेफ़नी के सपा चेयरमैन फैजान खान और निवर्तमान ईओ के खिलाफ गवन और वित्तीय अनियमितता के आरोप सिद्ध होने पर स्पष्टीकरण आख्या तलब की थी जिसमें पता चला निदेशक स्थानीय निकाय ने शासन के निर्देशों को अनदेखा कर ईओ पुष्पेंद्र राठौर को नोटिस जारी ही नहीं किया समिति की बैठक होने के 5 दिन पूर्व ही 4 जून को नोटिस जारी किया गया जिस पर समिति नाराज़गी व्यक्त की। प्रकरण की सुनवाई के दौरान भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने फतेहगंज पश्चिमी के सभासदों की शिकायतो की जांच न होने और गौ शाला में पशु चारा घोटाले के मामले को भी रख दिया जिस पर समिति ने प्रमुख सचिव नगर विकास को ईओ की कार्यशैली को आदतन भ्रष्टाचारी मानते हुए शासन की कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए। उधर विधानपरिषद समिति में ईओ फतेहगंज पश्चिमी को नोटिस जारी न होने पर आनन फानन में मंगलवार को ही शासन के विशेष सचिव ने दूसरा नोटिस जारी करते हुए मुख्यमंत्री संदर्भ का हवाला देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए हैं

 

नवंबर 2025 में ईओ पुष्पेंद्र राठौर और भाजपा नेता आशीष अग्रवाल के बीच हुए अतिक्रमण के विवाद में भाजपा नेता पर मुकदमा दर्ज करवाना भारी पड़ता जा रहा है सत्ताधारी दल के नेता पर ईओ के दवाब में आकर जिला प्रशासन ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया परन्तु शासन में भाजपा नेता की तगड़ी पैरवी के कारण गृह विभाग के निर्देश पर कुछ महीने में ही पुलिस को सत्ताधारी नेता के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगानी पड़ी। भाजपा नेता श्री अग्रवाल ने नगर निकाय चुनाव की रंजिश में स्थानीय भाजपा विधायक के दवाब पर मुकदमा दर्ज करने के आरोप लगाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तक मामले को उठाया था। जांच में भाजपा नेता के निर्दोष साबित होने पर शीर्ष नेतृत्व अब कार्यवाही की मूड में है जिससे भविष्य में किसी भी पार्टी कार्यकर्ता का उत्पीड़न न हो सके।

ईओ पुष्पेंद्र राठौर की विवादित कार्यशैली का खामियाजा उनकी निवर्तमान तैनाती जिला रामपुर के सैफनी चेयरमैन फैजान खान और वर्तमान तैनाती फतेहगंज पश्चिमी की चेयरमैन इमराना बेगम को भुगतना पड़ सकता है दोनों ही नगर पंचायतों में ईओ पुष्पेंद्र राठौर द्वारा किए गए घोटालों के आरोप जांच ने सही पाए गए हैं। शासन के नोटिस अनुसार जिनमें नगर पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त करने एवं ईओ पर सरकारी सेवा नियमावली 1999 के नियम 10(2) के अंतर्गत बड़ी कार्यवाही हो सकती है।

 

राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री से की गई शिकायत

 

मंगलवार को भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने लखनऊ में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से भी मुलाकात की और ईओ पुष्पेंद्र राठौर की कार्यशैली के संबंध में सभी दस्तावेज देकर नगर विकास विभाग पर ईओ पर लगे आरोप सिद्ध होने के बावजूद शासन के निर्देश पर नोटिस दबाने। और ईओ को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

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