जमीन पर कब्जा न हटने से नाराज जिलापंचायत सदस्य और किसान ने किया आत्मदाह का प्रयास

फतेहगंज पश्चिमी। गांव टिटौली में जमीन से कब्जा न हटने से नाराज जिलापंचायत सदस्य और पीड़ित किसान ने शनिवार को पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने समय रहते पेट्रोल की बोतल छीनकर और पानी डालकर दोनों को बचा लिया। इसके बाद राजस्व टीम ने लगभग 3 घंटे पैमाईश कर पीड़ित के खेत की नापतोल कर दी।हालांकि कब्जा नहीं कराया गया।

गांव निवासी कांताप्रसाद गंगवार ने बताया कि उनके गाटा संख्या 232 का कुछ रकवा फतेहगंज पश्चिमी-भोजीपुरा रोड में चला गया है। अब उनकी 1 बीघा 4 बिस्वा जमीन बची है, जिस पर पड़ोसी खेत स्वामी अख्तर हुसैन ने कब्जा कर उसे अपने खेत में मिला लिया था। कई वर्षों से पीड़ित तहसील,जिला प्रशासन से कब्जा हटवाने की गुहार लगा रहा था। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

थक हारकर कांताप्रसाद ने जिलापंचायत सदस्य ममता गंगवार से मदद ली। ममता गंगवार भी पिछले एक साल से मामले की पैरवी कर रही हैं। उनके प्रयास से शुक्रवार को राजस्व टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन दूसरे पक्ष ने अपने खेत गाटा संख्या 233 का सिविल कोर्ट में मामला होने का हवाला देकर पैमाईश को रुकवा दिया था।



शनिवार को एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार आशीष कुमार की अगुवाई में नायब तहसीलदार अरविंद कुमार,कानून गो ब्रजकिशोर कटियार,लेखपाल,पुलिस आदि की टीम बनाकर शनिवार को पहुंची। करीब एक घंटे तक पैमाईश करने के बाद बगैर किसी निस्तारण के टीम वापस जाने लगी तो करीब 2 बजे नाराज ममता गंगवार और कांताप्रसाद ने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। थाना प्रभारी ने समय रहते पेट्रोल की बोतल छीनकर फेक दी।मामला बिगड़ते देख कानूनगो ब्रजकिशोर कटियार और लेखपाल नवरत्न गंगवार,हरीश गंगवार ने 3 घंटे पैमाईश कर पीड़ित के खेत की नापतोल करके निशान लगा दिए।लेकिन खेत में पॉपलर के पेड़ खड़े होने के कारण कब्जा नहीं कराया।हालांकि पीड़ित और ममता गंगवार कार्यवाही से संतुष्ट हो गए।बाद में पुलिस प्रशासन ने धरने पर बैठीं ममता गंगवार को जूस पिलाकर मामला शांत कर दिया।इस दौरान ग्रामीण और राहगीरों की कई घंटे भीड़ जुटी रही।



