सभासद पहुंचे तो गौशाला में डाल दिया अंदर से ताला!
भूसा बदबूदार, हरा चारा गायब, चोकर का भी नहीं मिला अता-पता; एसडीएम के निर्देश पर पहुंचे लेखपाल ने किया निरीक्षण

फतेहगंज पश्चिमी। नगर पंचायत की कान्हा गौशाला में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दो सभासद व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। सभासदों का आरोप है कि गौशाला में अव्यवस्थाओं को लेकर कर्मचारी और केयरटेकर से सवाल-जवाब करने के बाद जैसे ही वे गेट के बाहर आए, गौशाला का गेट अंदर से बंद कर ताला डाल दिया गया। सभासदों ने आरोप लगाया कि यह ताला अधिशासी अधिकारी के आदेश पर डाला गया, ताकि गौशाला में चल रही कथित अनियमितताएं सामने न आ सकें।
सभासद अबोध सिंह और धर्मेंद्र सिंह उर्फ मोनू ठाकुर के अनुसार, गौशाला में गोवंश को दिया जा रहा भूसा भी खाने योग्य नहीं था। भूसा काला, सीलनयुक्त और दुर्गंध वाला मिला। मामले की शिकायत सभासद अबोध सिंह ने एसडीएम निधि शुक्ला से फोन पर की। एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए लेखपाल आदित्य गंगवार को मौके पर भेजा।

लेखपाल के पहुंचने के बाद गौशाला के गेट पर लगा ताला खुलवाया गया। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल ने गौशाला का निरीक्षण किया। सभासदों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान पौष्टिक आहार के नाम पर चोकर मौके पर नहीं मिला। हरा चारा भी उपलब्ध नहीं था। गोवंश के लिए रखा भूसा सीलनयुक्त और दुर्गंध वाला पाया गया।
गौशाला के केयरटेकर ने लेखपाल को बताया कि चोकर एक दिन पहले ही खत्म हो गया था और सोमवार को उसे मंगाया गया है। निरीक्षण के बाद लेखपाल आदित्य गंगवार ने अपनी रिपोर्ट उप जिलाधिकारी निधि शुक्ला को भेज दी है।
सभासद अबोध सिंह और धर्मेंद्र सिंह उर्फ मोनू ठाकुर ने कहा कि गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। अब वे उप जिलाधिकारी स्तर से होने वाली जांच और उसके बाद जिम्मेदार लोगों पर की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। सभासदों ने गौशाला में गोवंश को पर्याप्त पौष्टिक आहार, हरा चारा और गुणवत्तापूर्ण भूसा उपलब्ध कराने की मांग की है।



