संविधान निर्माता को राष्ट्र का नमन
समानता, न्याय और अधिकारों के प्रतीक रहे डॉ. भीमराव आंबेडकर

समानता, न्याय और अधिकारों के प्रतीक रहे डॉ. भीमराव आंबेडकर

आज देशभर में भारत रत्न, महान समाज सुधारक एवं संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जा रहा है।
डॉ. आंबेडकर जी ने अपने पूरे जीवन में सामाजिक भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश को एक सशक्त संविधान दिया। उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने के लिए अथक प्रयास किए।
उनकी सोच और विचारधारा आज भी समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने जो संदेश दिया—
“शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो”
वह आज भी हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
“सागर से भी गहरा है, आसमान से भी ऊँचा है,
बाबासाहेब का ज्ञान, सबसे महान है।
अंबेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!”
👉 आज जरूरत है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलें
👉 समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा दें
👉 और एक मजबूत, जागरूक भारत के निर्माण में योगदान करें
आंबेडकर जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
गौरव गुप्ता
प्रधान संपादक
आरव मीडिया नेटवर्क, बरेली




