भिटौरा रेलवे फाटक दूसरे दिन भी बंद, 7 किमी का चक्कर और दोगुना किराया झेलने को मजबूर लोग

फतेहगंज पश्चिमी। भिटौरा रेलवे फाटक पर रेलवे ट्रैक के मरम्मत कार्य के चलते शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी आवागमन पूरी तरह बंद रहा। फाटक बंद होने से हजारों राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 5 से 7 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी, जबकि पैदल यात्रियों को बीच रास्ते में वाहन बदलने के कारण दोगुना किराया चुकाना पड़ा।

रेलवे विभाग द्वारा ट्रैक का लेवल नीचे होने के कारण शुक्रवार से रविवार तक तीन दिन के लिए फाटक बंद किया गया है। मरम्मत के दौरान पटरी का स्तर ऊंचा किया जा रहा है, जिससे भविष्य में रेल संचालन सुरक्षित और सुचारु रह सके।
फाटक बंद होने से बहेड़ी, शेरगढ़ और शाही से फतेहगंज पश्चिमी होते हुए बरेली व मीरगंज जाने वाले लोगों का आवागमन सबसे अधिक प्रभावित हुआ। बड़े वाहनों को लंबा चक्कर लगाकर निकलना पड़ा, जबकि दोपहिया और पैदल यात्रियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मंसूरगंज निवासी सूरज, अगरास निवासी पप्पू और सोराहा निवासी नन्हें ने बताया कि फाटक बंद होने के कारण ई-रिक्शा और टेम्पो चालक अधिक किराया वसूल रहे हैं। रोजाना आने-जाने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। टिटौली निवासी जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि भारी वाहनों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ गई है।

रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि रेलवे ट्रैक का लेवल डाउन हो जाने के कारण मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। पटरी को निर्धारित ऊंचाई तक उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्य तेजी से कराया जा रहा है और निर्धारित समय के भीतर मरम्मत पूरी कर फाटक को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।



