नेपाल में भीषण सड़क हादसा: खाई में गिरी माइक्रोबस, 7 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत
मनकामना मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस 150 मीटर गहरी खाई में गिरी, 9 लोग घायल

नेपाल। नेपाल के गोरखा जिले में शनिवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें सात भारतीय तीर्थयात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु प्रसिद्ध मनकामना मंदिर में दर्शन करने के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी इलेक्ट्रिक माइक्रोबस एक खतरनाक मोड़ पर अनियंत्रित होकर लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। खाई में गिरी बस से लोगों को बाहर निकालकर घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पहाड़ी क्षेत्र में संकरी सड़क और तीखे मोड़ के कारण यह दुर्घटना बेहद भयावह हो गई।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे में मरने वाले सभी लोग भारतीय नागरिक थे। मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं, जिनकी उम्र लगभग 50 से 60 वर्ष के बीच बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और नेपाल पुलिस ने मिलकर राहत कार्य चलाया और खाई से लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हादसे की वजह की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि माइक्रोबस ढलान वाले पहाड़ी रास्ते से नीचे उतर रही थी। इसी दौरान एक तीखे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। सड़क संकरी होने और तेज घुमाव के कारण बस सीधे 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल लोगों को एंबुलेंस की मदद से चितवन मेडिकल कॉलेज और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में सात भारतीय और दो नेपाली नागरिक शामिल हैं, जिनमें चालक का सहायक भी बताया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
परिजनों में शोक की लहर
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। भारतीय दूतावास ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधा है, ताकि पीड़ितों और उनके परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
